1 min read

कातिलों का बार बार ठिकाना बदलना यह साबित करता है कि अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की हत्या हुई ,आत्महत्या नहीं

बलिया ।नगर पंचायत मनियर की अधिशासी अधिकारी मणिमंजरी राय की 6 जुलाई को आवास विकास कॉलोनी में फंदे से लटकती हुई लाश मिली। लेकिन यह कहानी नगर पंचायत मनियर के अध्यक्ष भीम गुप्ता ,टैक्स लिपिक विनोद सिंह ।कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश सिंह तथा चालक चंदन वर्मा खुद मणिमंजरी राय की हत्या कर फंदे से लटकाए थे। अगर ऐसा नहीं होता तो सभी कातिल भागते नहीं पीता जय ठाकुर राय तथा दोनों भाइयों ने भी आत्महत्या नहीं हत्या हैं कई बार कर चुके हैं । केवल चालक को गिरफ्तार करवा कर सब दोष उसी पर मड़ना चाहते हैं जिस तरह से बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है उसी तरह मणि मंजरी राय के साथ हुआ है। जिला प्रशासन छापे पर छापे डाल रहा है लेकिन कातिल पकड़ से दूर है केवल आश्वासन पर आश्वासन जिला प्रशासन दे रहा है। यहां तक की अपर पुलिस महानिदेशक डॉ सुनील गुप्ता बलिया पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ के साथ मिलकर इस घटना को हैंडल कर रहे हैं लेकिन मणिमंजरी राय की त्रयोदशाह( तेरहवीं) बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है। लेकिन कानुवान के ग्रामीणों को विश्वास है कि भले ही पूर्व रेल राज्य मंत्री घटना से 12 दिन बाद आए हो लेकिन मणिमंजरी राय कोइंसाफ जरूर मिलेगा मैंने एक ग्रामीण से सवाल पूछा कि एक होनहार बेटी जो पीसीएस अधिकारी थी और घटना के 12 दिन बाद रेल राज्य मंत्री पहुंचते हैं तो इस पर आपका क्या कहना है तो ग्रामीण झट से कहा, जानते नहीं सावन का महीना चल रहा है। गए थे बाबा विश्वनाथ जी से आशीर्वाद लेने और पक्का आशीर्वाद लेकर आए की इस बार क्रास वोटिंग नहीं पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *