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मैं बुरी मां हूं , मुझे याद मत करना, आजादी के बाद पहली बार किसी महिला को होगी फांसी

अमरोहा। आजादी के बाद देश में पहली बार किसी महिला को उसके अपराध के लिए फांसी की सजा दी जाएगी।  फांसी के लिए मथुरा की जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।  अमरोहा की रहने वाली ‘शबनम’ को मौत की सजा दी जाएगी। उसके चाचा और चाची का कहना है कि उसको बहुत पहले ही फांसी दे देनी चाहिए सरकार ने बहुत देर हो चुकी है यह अक्षम्य अपराध है ज्ञाता भी हो 13 साल पहले शबनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मां बाप दो भाई और भाभी , भतीजे को जहर देकर कुल्हाड़ी से काट दिए थे।

जेल में पैदा हुए शबनम के बेटे की बुलंदशहर का एक दंपती परवरिश कर रहा है। लड़का कक्षा 6 में एक स्कूल में पढ़ रहा है। , कुछ दिन पहले ही एक पत्रकार दंपती उसे रामपुर जेल में बंद शबनम से मिलवाने ले गया था। 

जब मां ने बेटे को देखा तो फफक कर रोने लगी और काफी देर तक शबनम बेटे से लिपटकर रोती रही। शबनम बेटे से बार-बार कह रही थी कि पढ़-लिखकर अच्छा इंसान बनना। मैं बुरी मां हूं, मुझे कभी याद मत करना।

इधर ताज़ा अपडेट की बात करें तो शबनम का बेटा अपनी मां के लिए फांसी की सजा माफ़ करने की अपील कर रहा है। 

लोगों में चर्चा है कि शबनम का भतीजा अर्श भी आज उसके बेटे ताज की ही उम्र का होता। जिसको मौत के घाट उतारते वक़्त शबनम के हाथ नहीं कांपे। 

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