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स्वामी सहजानन्द कॉलेज में गूंजा ‘स्वाभिमान’ का नारा, गणतंत्र दिवस पर युवाओं को मिली कर्तव्य-पालन की सीख

गाजीपुर। शहर के स्वामी सहजानन्द पी.जी. कॉलेज में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. वी.के. राय ने ध्वज फहराकर एनसीसी कैडेट्स की भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एनसीसी अधिकारी डॉ. राकेश पांडेय ने ‘आत्मनिर्भर भारत और गांधी की प्रासंगिकता’ पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचार आज के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का आधार हैं।
समारोह में डॉ. प्रमोद कुमार अनंग ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है, यदि युवा अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें तो भारत को विश्व में एक नई पहचान मिलेगी। वहीं, समाजशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अवधेश नारायण राय ने युवाओं के चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए उन्हें ‘अभिमान’ की जगह ‘स्वाभिमान’ को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
डॉ. नर नारायण राय ने कहा कि एक सफल लोकतंत्र के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। वहीं, डॉ. सुरेश प्रजापति ‘सौरभ’ ने अपनी ‘भारत कैसे बने महान?’ शीर्षक कविता द्वारा बताया कि केवल अतीत के गौरवगान से नहीं, बल्कि अनुशासन और कर्तव्य-निष्ठा से ही भारत सच्चा ‘विश्वगुरु’ बन सकेगा।
इससे पूर्व, प्रो. विलोक सिंह ने शिक्षा निदेशक, उच्च शिक्षा (उ.प्र.) डॉ. बी.एल. शर्मा के आधिकारिक संदेश का वाचन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. वी.के. राय ने छात्रों की प्रस्तुतियों की सराहना की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि एक अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनना है जो देशहित सर्वोपरि रखे।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर कृष्णानंद चतुर्वेदी ने किया।
इस अवसर पर डॉ. रामधारी राम, प्रो. अजय राय, डॉ. शिवेश राय, डॉ. विशाल सिंह, डॉ. निवेदिता सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, अरविंद यादव, संजय कुमार, विनय चौहान, डॉ. सौम्या, डॉ. कंचन सिंह और डॉ. सतीश सहित महाविद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।
